काम और तकनीकी जानकारी से जुड़े सवाल
ऐसी समस्या जो आपने पहले कभी नहीं देखी, उसका ढांचा आप कैसे बनाते हैं?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप समस्या को साफ़ करते हैं, उसे ऐसे हिस्सों में बांटते हैं जो एक-दूसरे से अलग और पूरे हों, और सबसे अहम हिस्से से शुरू करते हैं।
पहले मैं सवाल को साफ़ करता हूं: क्लाइंट असल में क्या फ़ैसला लेना चाहता है, समय सीमा क्या है और सफलता का मतलब क्या है। फिर समस्या को ऐसे हिस्सों में बांटता हूं जो आपस में न टकराएं और मिलकर पूरी तस्वीर बनाएं, जैसे मुनाफ़े को आमदनी और लागत में। हर हिस्से के लिए एक अनुमान बनाता हूं कि वजह क्या हो सकती है, और वह डेटा चुनता हूं जो उसे जल्दी सही या गलत साबित करे। सबसे बड़े असर वाले हिस्से से शुरू करता हूं।
एक करोड़ आबादी वाले शहर में एक साल में दोपहिया वाहनों की सर्विस कितनी बार होती होगी, अंदाज़ा लगाइए।
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप अपने अंदाज़े साफ़ बोलते हैं, गणना को आसान रखते हैं और आख़िर में नतीजे की जांच करते हैं।
मैं मानूंगा कि शहर में लगभग पच्चीस लाख परिवार हैं, यानी हर परिवार में चार लोग। मान लीजिए आधे परिवारों के पास एक दोपहिया है और कुछ के पास दो, तो लगभग पंद्रह लाख वाहन। अगर एक वाहन की साल में औसतन तीन बार सर्विस होती है, जिसमें नियमित सर्विस और छोटी मरम्मत दोनों शामिल हैं, तो लगभग पैंतालीस लाख सर्विस होंगी। फिर जांचूंगा कि इसका मतलब शहर के हर सर्विस सेंटर पर रोज़ कितनी गाड़ियां हैं, और क्या यह सही लगता है।
एक क्लाइंट का मुनाफ़ा दो साल से घट रहा है। आप इस case को कैसे देखेंगे?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप एक साफ़ ढांचे से शुरू करते हैं, सही सवाल पूछते हैं और डेटा से असली कारण तक पहुंचते हैं।
पहले पूछूंगा कि कंपनी क्या बेचती है, किसे बेचती है और क्या पूरे उद्योग का मुनाफ़ा भी घटा है या सिर्फ़ इसी का। फिर मुनाफ़े को आमदनी और लागत में बांटूंगा। आमदनी में देखूंगा कि बिक्री की मात्रा घटी है या कीमत, और किस प्रोडक्ट, इलाके या ग्राहक वर्ग में। लागत में देखूंगा कि कच्चा माल, मज़दूरी या वितरण में से क्या बढ़ा है। जहां सबसे बड़ा बदलाव दिखेगा, वहां गहराई से जाऊंगा और फिर उसके हिसाब से सुझाव दूंगा।
किसी business case के लिए financial model आप कैसे बनाते हैं?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आपका मॉडल साफ़, जांचने लायक और बदलने में आसान होता है, और क्या आप अंदाज़ों पर उसकी संवेदनशीलता दिखाते हैं।
मैं Excel में मॉडल को तीन हिस्सों में रखता हूं: एक शीट पर सारे अनुमान, एक पर गणना और एक पर नतीजे। अनुमान, जैसे बिक्री की वृद्धि या कीमत, अलग रंग में रखता हूं ताकि कोई भी उन्हें बदल सके, और हर अनुमान का स्रोत लिखता हूं। गणना में कोई संख्या सीधे टाइप नहीं करता। फिर तीन परिदृश्य बनाता हूं, अच्छा, सामान्य और ख़राब, और देखता हूं कि कौन सा अनुमान नतीजे को सबसे ज़्यादा बदलता है। आख़िर में जांच वाले सूत्र लगाता हूं।
NPV और IRR में क्या अंतर है, और आप किस पर ज़्यादा भरोसा करते हैं?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप दोनों के पीछे का तर्क समझते हैं और जानते हैं कि IRR कब भ्रम पैदा कर सकता है।
NPV भविष्य के सारे नकद प्रवाह को एक तय discount rate से आज के मूल्य में बदलकर बताता है कि प्रोजेक्ट से कितना मूल्य बनेगा, रुपये में। IRR वह दर है जिस पर NPV शून्य हो जाता है, यानी प्रतिशत में रिटर्न। दो प्रोजेक्ट में से एक चुनना हो तो मैं NPV पर ज़्यादा भरोसा करता हूं, क्योंकि IRR प्रोजेक्ट के आकार को नहीं देखता और अनियमित नकद प्रवाह में एक से ज़्यादा जवाब दे सकता है। क्लाइंट को समझाने के लिए दोनों साथ दिखाता हूं।
क्लाइंट को नए बाज़ार में जाना चाहिए या नहीं, इसका आकलन कैसे करेंगे?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप बाज़ार, प्रतियोगिता, क्लाइंट की क्षमता और पैसों के पहलू को मिलाकर एक साफ़ सुझाव तक पहुंचते हैं।
मैं चार सवालों से शुरू करूंगा। पहला, बाज़ार कितना बड़ा है और कितनी तेज़ी से बढ़ रहा है। दूसरा, वहां कौन से प्रतियोगी हैं, ग्राहक किस आधार पर ख़रीदते हैं और नियम या लाइसेंस की क्या बाधाएं हैं। तीसरा, क्या क्लाइंट के पास वहां जीतने की कोई ख़ास ताक़त है, जैसे ब्रांड, लागत या वितरण। चौथा, प्रवेश में कितना निवेश लगेगा और कब तक मुनाफ़ा आएगा। फिर प्रवेश के तरीके, जैसे ख़ुद जाना, साझेदारी या अधिग्रहण, की तुलना करूंगा।
अनुभव और व्यवहार से जुड़े सवाल
जब किसी क्लाइंट ने आपके सुझाव से असहमति जताई, तब आपने क्या किया?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप क्लाइंट की चिंता को समझते हैं, सबूत के साथ अपनी बात रखते हैं और ज़रूरत हो तो अपना सुझाव बेहतर करते हैं।
एक retail प्रोजेक्ट में हमारे विश्लेषण से निकला कि कंपनी को कुछ घाटे वाले स्टोर बंद करने चाहिए। क्लाइंट के regional head इससे सहमत नहीं थे, क्योंकि उन स्टोर से ब्रांड की पहचान जुड़ी थी। मैंने उनसे अलग से मिलकर उनकी बात सुनी, फिर हर स्टोर का डेटा उनके साथ बैठकर देखा। हमने मिलकर तय किया कि दो स्टोर बंद होंगे और एक को छोटे फ़ॉर्मेट में बदला जाएगा। आख़िरी सुझाव ज़्यादा व्यावहारिक बना।
क्लाइंट मीटिंग से ठीक पहले आपको अपने विश्लेषण में गलती मिली, तब क्या किया?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप गलती छिपाने के बजाय तुरंत बताते हैं, जल्दी सुधारते हैं और अपनी जांच की प्रक्रिया मज़बूत करते हैं।
एक मीटिंग से दो घंटे पहले मैंने देखा कि बाज़ार के आकार वाली स्लाइड में एक इलाके की संख्या दो बार जुड़ गई थी। मैंने तुरंत अपने manager को बताया। हमने गणना ठीक की, जिससे बाज़ार का आकार थोड़ा कम हुआ, लेकिन सुझाव वही रहा। स्लाइड बदली गई और मीटिंग में manager ने यह भी बता दिया कि संख्या अपडेट हुई है। उसके बाद से मैं हर मॉडल में कुल योग की एक अलग जांच लगाता हूं और किसी साथी से भी देखवाता हूं।
बिना औपचारिक अधिकार के किसी को प्रभावित करने का एक उदाहरण दीजिए।
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप लोगों की ज़रूरत समझकर, डेटा और भरोसे के ज़रिए उन्हें साथ ला पाते हैं।
एक प्रोजेक्ट में मुझे क्लाइंट की finance टीम से हर हफ़्ते डेटा चाहिए था, लेकिन वह टीम पहले से बहुत व्यस्त थी और हमारी प्राथमिकता उनकी सूची में नीचे थी। मैंने उनके head से मिलकर पूछा कि उनकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है। पता चला कि उन्हें हर महीने एक रिपोर्ट हाथ से बनानी पड़ती थी। मैंने अपने मॉडल से वही रिपोर्ट अपने आप बनाने का तरीका दिया। उसके बाद डेटा समय पर मिलने लगा।
HR round के सवाल
कंसल्टिंग ही क्यों, और हमारी फ़र्म ही क्यों?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आपकी वजह असली अनुभव पर आधारित है और क्या आपने फ़र्म के काम और संस्कृति के बारे में पता किया है।
कॉलेज के एक live project में मैंने एक छोटी manufacturing कंपनी की inventory समस्या पर काम किया था, और मुझे सबसे अच्छा यह लगा कि कम समय में एक नई समस्या समझकर ठोस हल देना होता है। कंसल्टिंग में यही काम अलग-अलग उद्योगों में बार-बार करने को मिलता है। आपकी फ़र्म का operations में काम ख़ास तौर पर मध्यम आकार की भारतीय कंपनियों के साथ है, और मैंने आपके यहां के लोगों से सुना है कि junior को जल्दी क्लाइंट के सामने काम करने का मौका मिलता है।
कंसल्टिंग में बार-बार यात्रा और क्लाइंट की जगह पर काम होता है। क्या यह आपके लिए ठीक है?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप इस काम की असली मांग को समझते हैं और अपनी सीमाओं के बारे में ईमानदार हैं।
जी हां, मैं इसके लिए तैयार हूं। मैं समझता हूं कि क्लाइंट की टीम के साथ बैठकर काम करने से ही असली समझ आती है, और इसके लिए कई हफ़्ते दूसरे शहर में रहना पड़ सकता है। अभी मेरी कोई ऐसी पारिवारिक ज़िम्मेदारी नहीं है जो इसमें बाधा बने। मेरा बस यह अनुरोध रहेगा कि जहां संभव हो, यात्रा की योजना पहले से बता दी जाए। मैं यात्रा के दौरान भी समय पर काम करने की आदत रखता हूं।
इस कंसल्टिंग रोल के लिए आप कितने पैकेज की उम्मीद रखते हैं?
इंटरव्यूअर क्या परखता है: क्या आप फ़र्म के ढांचे और अपने अनुभव के हिसाब से सोच-समझकर बात करते हैं।
मैं MBA के बाद दो साल से एक कंपनी की strategy टीम में काम कर रहा हूं। मैंने इस स्तर के कंसल्टिंग रोल के लिए आम रेंज के बारे में अपने batch के साथियों और फ़र्म के लोगों से पता किया है, और मेरी उम्मीद उसी के भीतर है। मैं जानता हूं कि कंसल्टिंग फ़र्म में हर स्तर का वेतन ढांचा ज़्यादातर तय होता है, इसलिए मैं आपकी पेशकश के अनुसार बात करने के लिए तैयार हूं।
पूरे सवाल अंग्रेज़ी में
अंग्रेज़ी पेज पर 20 सवाल, follow-up सवाल और fresher/experienced फ़िल्टर हैं।
इंटरव्यू की तैयारी के लिए टिप्स
- Case interview का अभ्यास किसी साथी के साथ बोलकर करें, क्योंकि अकेले पढ़ने से सोचते हुए बोलने की आदत नहीं बनती।
- Guesstimate में हर अंदाज़ा ज़ोर से बोलें और गोल संख्याएं इस्तेमाल करें, ताकि गणना में गलती न हो।
- अपने Resume के हर प्रोजेक्ट के लिए समस्या, आपका काम और नतीजा दो मिनट में बताने का अभ्यास करें।
- फ़र्म के हाल के प्रकाशित लेख या रिपोर्ट पढ़कर जाएं, ताकि आख़िर में पूछने के लिए अच्छे सवाल हों।
जवाब बोलकर, घड़ी देखकर अभ्यास करें; हर जवाब एक-डेढ़ मिनट में पूरा हो। इसके लिए हमारा Interview Practice टूल (अंग्रेज़ी में) टाइमर के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।