भारत में डॉक्टरों के लिए ज़रूरी बातें
भारत में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के प्रोफ़ेशनल कंडक्ट नियम तय करते हैं कि रजिस्टर्ड डॉक्टर अपना प्रचार किस हद तक कर सकते हैं। इसलिए वेबसाइट पर सिर्फ़ तथ्य रखें: नाम, डिग्री, रजिस्ट्रेशन नंबर, स्पेशियलिटी, क्लिनिक का पता, टाइमिंग और संपर्क। मरीज़ों के टेस्टिमोनियल, पहले-बाद की तस्वीरें, “शहर का टॉप डॉक्टर” जैसे दावे या पक्के नतीजों का वादा न करें, और पब्लिश करने से पहले NMC व अपनी स्टेट मेडिकल काउंसिल के मौजूदा नियम देख लें। भारत में मरीज़ अक्सर Google Maps पर पास का क्लिनिक खोजते हैं और WhatsApp फ़ैमिली ग्रुप में पूछते हैं, इसलिए नाम, पता और टाइमिंग हर जगह एक जैसे रखें। आप किन भाषाओं में बात करते हैं, यह भी लिखें। मरीज़ की पहचान वाली कोई जानकारी या फ़ोटो बिना लिखित सहमति के कभी न डालें।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- मरीज़ों के टेस्टिमोनियल या धन्यवाद वाले वीडियो लगाना। ये NMC के कंडक्ट नियमों के ख़िलाफ़ जा सकते हैं, इसलिए इन्हें हटाएं और अपनी योग्यता व क्लिनिक की जानकारी को बोलने दें।
- अस्पताल बदलने के बाद भी पुरानी OPD टाइमिंग ऑनलाइन छोड़ देना। मरीज़ इसी जानकारी पर सफ़र करते हैं, इसलिए शेड्यूल बदलते ही उसी हफ़्ते हर जगह अपडेट करें।
- हेडिंग में “टॉप डॉक्टर” या “100% इलाज” जैसे शब्द लिखना। इनकी जगह उन बीमारियों और प्रोसीजर का सीधा विवरण दें जिनका आप इलाज करते हैं।
- रजिस्ट्रेशन नंबर और काउंसिल का नाम न लिखना। इन्हें डिग्री के ठीक बगल में रखें ताकि मरीज़ और दूसरे डॉक्टर खुद आपका रजिस्ट्रेशन जांच सकें।